सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित संस्था आयाम परिवर्तन ने शुक्रवार को गाजियाबाद स्थित पुनर्वास संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन) में एक सराहनीय पहल को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन (विशेष रूप से सक्षम) एवं वंचित बालकों को भीषण शीत लहर से सुरक्षित करना और उनके उज्जवल भविष्य के लिए कौशल विकास की नींव रखना था।
कड़ाके की ठंड से बचाव हेतु राहत सामग्री वितरण
वर्तमान में व्याप्त कड़ाके की ठंड और शीतलहर की गंभीरता को देखते हुए, आयाम परिवर्तन ने तत्परता दिखाते हुए कार्यक्रम में उपस्थित समस्त विशेष आवश्यकता वाले बालकों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले ऊष्म कंबलों का वितरण किया। संस्था का मानना है कि दिव्यांग बच्चों के प्रति यह अतिरिक्त संवेदनशीलता और देखभाल हमारा सामूहिक नैतिक दायित्व है।
विशिष्ट कौशल संवर्धन कार्यशाला
कंबल वितरण के साथ-साथ, इन बच्चों की सर्वांगीण प्रगति सुनिश्चित करने हेतु उनके लिए विशिष्ट कौशल विकास गतिविधियों की एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। इन सार्थक गतिविधियों का लक्ष्य बालकों में सृजनात्मकता सामाजिक अंतःक्रिया और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों को बढ़ावा देना था।
संस्था की सचिव, स्तुति भूषण, एवं चेयरमैन, एस आर सिन्हा, ने संयुक्त रूप से कहा, “अनुकूलित कौशल विकास ही इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उज्जवल भविष्य की कुंजी है। हमारा प्रयास है कि ये बच्चे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। सामाजिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने
इस परोपकारी कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी प्रवीण बत्रा और एक्टिव ग्रीन की अध्यक्षा निधि विश्वकर्मा ने भी अपना विशेष सहयोग देकर कार्यक्रम को और अधिक बल प्रदान किया। उन्होंने बच्चों की अद्भुत प्रतिभा की सराहना की और उन्हें निरंतर विशेष सहायता सुनिश्चित करने का वचन दिया।
आयाम परिवर्तन समाज के सर्वाधिक कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक एवं समावेशी परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था ने भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया है। संचालक मंजू गुप्ता ने सभी का धन्यवाद् किया।